Nipah Virus:निपाह संक्रमण क्या है और इसके क्या लक्षण होते है जाने विस्तार से जानकारी ही बचाव है

Nipah Virus:निपाह संक्रमण क्या है?और इसके क्या लक्षण होते है  ,जाने विस्तार से जानकारी ही बचाव है





 निपाह दक्षिणी एशिया और आस्ट्रेलिया में फलो की कई प्रजातियों द्वारा स्वाभाविक रूप से किए गए वायरस के परिवार में से एक है।

यह श्वसन संक्रमण और मस्तिष्क के नुकसान का कारण बनता है और इसमें 75 प्रतिशत तक मनुष्यों की मृत्यु दर है। तथा यह कृषि जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है।

इस वायरस का नाम पोर्ट डिक्सन, मलेशिया में एक जगह के नाम पर रखा गया है, जहां 1 99 8 में पहला प्रकोप एक सुअर फार्म हाउस  पाया गया था।



ऐसा माना जाता है कि सूअरों ने पेड़ों से गिरा जो फल खाया गया जिसे पहले  चमगादड़ संक्रमित कर रहे थे। और सूअर उससे बीमार हो रहे थे तथा उन सुअरों को बेचने और खाने से ये बिमारी और फैली थी ।

जब सूअर बेचे जाते थे तो वायरस भी अन्य लोगो में फैल जाता था। इस प्रकोप से मलेशिया में कुछ 105 लोग मारे गए और सिंगापुर में एक, और बीमारी को नियंत्रण में लाने के लिए दस लाख सूअरों की हत्या कर दी गई।


बांग्लादेश में 600 से अधिक मानव मामलों और उत्तरी भारत के पड़ोसी हिस्सों के साथ 2001 से 2011 तक आठ  प्रकोप हुए थे।



2004 में एक प्रकोप तब हुआ जब मूलत गांवों लोगो  ने चमगादड़ से प्रदूषित खजूर के रस को  पीया  था।वैसे यह वायरस थाईलैंड और कंबोडिया में चमगादड़ के अन्दर यह वायरस पाया गया है, हालांकि वहां मनुष्यों में कोई रिकॉर्ड नहीं हुआ है।

निपाह दस प्राथमिक बीमारियों की "सूची में शीर्ष" है जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भावी महामारी के संभावित स्रोतों के रूप में पहचान जारी किया है।


निपा वायरस के लक्षण क्या हैं और क्या कोई इलाज है?

संक्रमण फ्लू जैसे लक्षणों से शुरू होता है जिनमें सिरदर्द, बुखार, मतली, उल्टी और चक्कर आना शामिल है।

निपाह वायरस मस्तिष्क के सूजन का कारण बनता है, जो घातक हो सकता है। मरीजों को भ्रम और लगातार उनींदापन का अनुभव होता है और गंभीर मामलों में 48 घंटे के भीतर मरीज कोमा में पड़ सकता है।


हाल में हुए प्रकोपों से पता चला है की उत्परिवर्तित वायरस ने मनुष्यों में तीव्र श्वसन संक्रमण का कारण बना दिया है।
 यह अधिक खतरनाक तब हो जाता है जब यह हवा के माध्यम से अन्य लोगों तक फैल जाता  है।

वर्तमान में इसका कोई टीका अभी मौजूद नहीं है।

उपचार आवश्यक होने पर एक वेंटिलेटर सहित एंटीवायरल दवाओं और गहन देखभाल सहायता के साथ है।

मई 2018 में दक्षिणी भारत के केरल राज्य में पहली बार दर्ज किया गया था।

अभी तक दस लोगों की मौत हो गई है जिसमें एक नर्स भी शामिल है जो अस्पताल में बीमार तीन मरीजो के परिवार का इलाज कर रही थी।

स्थानीय अधिकारियों ने जनता से घबराहट नहीं करने का आग्रह किया है लेकिन केरल के स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च अलर्ट पर रखा गया है।




कैसे फैलता है निपाह का संक्रमण

वायरस फल और सब्जी खाने वाले सूअर और चमगादड़ के द्वारा फैलता है. इसका संक्रमण जानवरों और व्यक्तियों में तेजी से फैलता है.

निपाह वायरस के लक्षण-

मरीज नीचे दिए गए लक्षणों से ग्रसित है, तो नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच जरूर करवाएं. लक्षण जैसे किधुंधला दिखना,चक्कर आना,सिर में लगातार दर्द रहना,सांस में तकलीफ और तेज बुखार.

खुद को कैसे बचाएं इस वायरस की चपेट से-

पेड़ से नीचे गिरे हुए फलों को न खाएं. मार्केट से वेसी सब्जियां ना खरीदें, जिन पर जानवर की खाने के निशान हो. जहां पर चमगादड़ की संख्या अधिक हो, वहां पर खजूर ना खाएं और संक्रमित रोगियों से दूर रहें.

निपाह वायरस पर डॉक्टरों की जरूरी सलाह-
डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक खाना चमगादड़ के मल से दूषित, कुतरे हुए फल, पेड़ के पास खुले कंटेनर में बनी टोडी शराब और पीड़ित व्यक्ति से संपर्क न करें. अगर इनसे संपर्क होता है. तो अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरीके से धोएं. लक्षण शुरू होने के बाद मरीज की कोमा जाने की संभावना बढ़ जाती है. शौच में इस्तेमाल होने वाले बाल्टी, और साबुन को अच्छे से साफ करें. बुखार से मरने वाले व्यक्ति का मुंह ढक कर रखें. व्यक्ति की लाश को जलाने के बाद खूब अच्छी तरह से नहाए.

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